मरने से मुश्किल है साहिब सकूं से जीना यहाँ। मरने से मुश्किल है साहिब सकूं से जीना यहाँ।
अछूत हम तब भी थे और आज भी हैं तुम्हारी उन्हीं दूषित नजरों में। अछूत हम तब भी थे और आज भी हैं तुम्हारी उन्हीं दूषित नजरों में।
क्योंकि माँ नुमा ये जिल्द अपने पन्नों, को कभी बिखरते हुए नहीं देख सकती है ! क्योंकि माँ नुमा ये जिल्द अपने पन्नों, को कभी बिखरते हुए नहीं ...
वो दवाइयों को खा खाकर मैदान को अनदेखा करते हैं। वो दवाइयों को खा खाकर मैदान को अनदेखा करते हैं।
मुझे रास्ता चलना नहीं, पिरोना था थोड़ी तो देरी लाज़मी है, होनी थी तू मंज़िल, मैं मुसाफिर बस, ह... मुझे रास्ता चलना नहीं, पिरोना था थोड़ी तो देरी लाज़मी है, होनी थी तू मंज़िल,...
पर तोहफ़े दूसरों को हैसियत देख के ही दिए जाते हैं ! पर तोहफ़े दूसरों को हैसियत देख के ही दिए जाते हैं !